- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे क्रिकेट कोच गौतम गंभीर, सपरिवार लिया बाबा का आशीर्वाद; अभिनेत्री सोनल चौहान भी दर्शन कर हुईं भावविभोर!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज सुबह भोर की पहली किरण से पहले ही आस्था और श्रद्धा का अनूठा माहौल देखने को मिला। तड़के तीन बजे शुरू हुई पवित्र भस्म आरती में भारतीय क्रिकेट टीम के कोच और पूर्व दिग्गज खिलाड़ी गौतम गंभीर सपरिवार उपस्थित हुए। उनके साथ फिल्म अभिनेत्री और गायिका सोनल चौहान भी बाबा महाकाल की आराधना में लीन नजर आईं। आरती के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति की गूंज, मंत्रोच्चार और नगाड़ों की ध्वनि वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रही थी।
गौतम गंभीर अपनी पत्नी नताशा जैन और दोनों बेटियों के साथ मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर पूरे मनोयोग से भगवान महाकाल की आराधना की। करीब दो घंटे तक चली भस्म आरती में वे गहन ध्यान और श्रद्धा में डूबे रहे। आरती समाप्त होने के बाद उन्होंने मंदिर की देहरी से भगवान महाकाल के दिव्य दर्शन किए, नंदी महाराज पर जल अर्पित किया और अपने परिवार तथा देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर पर मंदिर समिति द्वारा उनका सम्मान भी किया गया। गंभीर ने भावपूर्ण शब्दों में कहा— “यह मेरी तीसरी यात्रा है बाबा महाकाल के दरबार में। मैं प्रार्थना करता हूं कि उनका आशीर्वाद देश, परिवार और सभी श्रद्धालुओं पर सदा बना रहे।”
वहीं, अभिनेत्री सोनल चौहान भी भस्म आरती के दौरान बेहद सादगी भरे पारंपरिक परिधान में नजर आईं। उन्होंने पूरे समय भगवान महाकाल का जप करते हुए आराधना में हिस्सा लिया। आरती के उपरांत उन्होंने देहरी से दर्शन कर आशीर्वाद लिया और अपने अनुभव साझा करते हुए कहा— “यहाँ आकर एक अद्भुत और दिव्य अनुभूति हुई। मंदिर की दर्शन व्यवस्था अत्यंत उत्कृष्ट है। ऐसा आध्यात्मिक अनुभव कहीं और नहीं मिला। मन करता है कि बार-बार यहाँ आऊं।”